नई दिल्ली: द्वारका के अत्याधुनिक यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में हाल ही में जो हुआ, वह महज़ एक इवेंट नहीं, बल्कि चेतना का एक महा-धमाका था! राज विद्या केंद्र, दिल्ली के बैनर तले आयोजित इस तीन दिवसीय विशेष समारोह ने शहर की आबोहवा ही बदल दी। मौका था—मानवता को भीतर का रास्ता दिखाने वाले प्रेम रावत की 60 साल की अविराम शांति-यात्रा के गौरवशाली 6 दशक पूरे होने का!
इस मेगा इवेंट में हज़ारों लोगों ने जहाँ सीधे हॉल में बैठकर इस ऐतिहासिक पल को जिया, वहीं डिजिटल वर्ल्ड में लाखों की संख्या में लोगों ने इसे स्क्रीन पर एक्सपीरियंस किया।
जब मात्र 8 साल की उम्र में संभाली ग्लोबल रिस्पॉन्सिबिलिटी!
कहानी शुरू होती है 10 दिसंबर 9157 को कनखल, हरिद्वार से। लेकिन असली मोड़ तब आया जब महज़ 8 साल की अल्पायु में उनके पिता और गुरु श्री हंस जी महाराज का साया उठा। जहाँ लोग सदमे में थे, वहीं इस बाल-संत ने दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाने का बीड़ा उठाया।
सिर्फ 13 साल की उम्र में लंदन से अपनी पहली इंटरनेशनल उड़ान भरने वाले प्रेम रावत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। दुनिया के कोने-कोने तक अपना संदेश पहुँचाने के लिए उन्होंने खुद पायलट का लाइसेंस लिया और आसमान नाप डाला। आज यह कारवाँ 69 देशों और 457 से अधिक शहरों तक फैल चुका है।
अल्टीमेट विज़न: "जिस शांति की तलाश बाहर है, वह तुम्हारे भीतर है!"
अपने इस धमाकेदार संबोधन में प्रेम रावत ने मॉडर्न सोसायटी को एक बड़ा वेक-अप कॉल दिया- "संसार में सुविधाएँ और संसाधन बढ़ गए हैं, लेकिन मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप से दूर होता जा रहा है। धन, पद और प्रतिष्ठा समय के साथ खत्म हो जाते हैं, लेकिन जिसने अपने भीतर की शांति का अनुभव कर लिया, वही असली सक्सेसफुल और समृद्ध है!"
उन्होंने साफ किया कि बाहरी परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, असली जॉय और आनंद आपके अपने हृदय के भीतर मौजूद है। जरूरत है तो बस खुद को पहचानने की और हर श्वास का सम्मान करने की।
ग्लोबल ऑनर्स और माइलस्टोन्स की लंबी फेहरिस्त
उनकी इस जर्नी को दुनिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म्स ने सलाम किया है:- यूके संसद, हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से लेकर यूरोपियन यूनियन और भारत के IIT दिल्ली व IIM अहमदाबाद तक—हर जगह उनके विचारों का डंका बजा है। 2012 में प्रतिष्ठित ब्रांडलॉरिएट लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला तो वहीं 2025 में डॉ. बी.आर. अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी, हैदराबाद द्वारा डॉक्टर ऑफ़ लेटर्स की मानद उपाधि से नवाजा गया और उनके नाम 3 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी दर्ज हैं!
चैरिटी और 'पीस एजुकेशन प्रोग्राम' का जादू
यह सफर सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़मीन पर असरदार है- Peace Education Program (PEP): आज 84 से अधिक देशों और 45 से अधिक भाषाओं में यह प्रोग्रामजेलों, अस्पतालों और विश्वविद्यालयों में 7,00,000 से अधिक लोगों की जिंदगी बदल चुका है। 'फ़ूड फॉर पीपल' (जन भोजन कार्यक्रम), नेचुरल डिजास्टर रिलीफ और फ्री आई कैंप्स के ज़रिए लगातार समाज के हर वर्ग को संबल दिया जा रहा है।
संगीतमय समापन और डिजिटल धूम
इस तीन दिवसीय समारोह का सबसे बड़ा हाइलाइट रहा प्रेम रावत जी का नया और एनर्जेटिक संगीतमय अंदाज़, जिसने पूरे यशोभूमि एरिना को झूमने पर मजबूर कर दिया। जो लोग वहां मौजूद नहीं थे, उन्होंने टाइमलेस टुडे, इंटेलिजेंट एग्जिस्टेंस और प्रेम रावत के आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से इस ऐतिहासिक पलों को एक्सपीरियंस किया।
6 दशक बीत गए, लेकिन उनका मैसेज आज भी उतना ही फ्रेश और रेवोल्यूशनरी है—"जिस शांति की तुम्हें तलाश है, वह तुम्हारे अंदर है!"