समाज 774 एक दीपक वहां भी जलाएं, जहां उजाले की है तलाश कहने के लिए तो ये एक शायरी है लेकिन ये शब्द गरीबी के दर्द को बयां करते हैं. इस दर्द को हर कोई नहीं समझ सकता, ये बस वो ही समझ सकता है, जो भूख की तड़प क... पण्डित पीके तिवारी 13 Nov 2020
समाज 723 इस दीपक में तेल नहीं... (व्यंग्य) भारतीय राजनीति में नारों का इतिहास चुनावों से बहुत पुराना है. पार्टियों के चुनावी घोषणापत्र, उनकी नीतियां सब अपनी जगह पर होते हैं मगर चुनाव में समां ब... राहुल देव 12 Nov 2020
समाज 731 संतान के कष्ट हरता है अहोई अष्टमी व्रत भारत में हिन्दू समुदाय में करवा चौथ के चार दिन पश्चात् और दीवाली से ठीक एक सप्ताह पहले एक प्रमुख त्यौहार ‘अहोई अष्टमी’ मनाया जाता है, जो प्रायः वही स्... योगेश कुमार गोयल 07 Nov 2020
समाज 603 बेशर्म (लघुकथा) हम दो ही पैदा हुए थे, अम्मा के. <Br/>अम्मा अब नहीं है. चली गई है भगवान के पास, दूर...बहुत दूर. डॉ पूरन सिंह 06 Nov 2020
समाज 604 करवा चौथ : पति-पत्नी के प्रेम एवं समर्पण का पर्व करवा चौथ पर्व का हमारे देश में विशेष महत्व है क्योंकि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए पूरे दिन व्रत रखती हैं और रात को चांद देखकर पति के ... योगेश कुमार गोयल 03 Nov 2020
समाज 593 पर्यावरण की महत्ता बताती जरूरी किताब हाल के सालों में यह पहला ऐसा मौका है, जब पिछले कुछ महीनों में दुनिया के बिगड़ते पर्यावरण और प्रदूषण की किसी गहराती समस्या ने हमारा ध्यान नहीं खींचा. श... लोकमित्र 01 Nov 2020
समाज 698 वरिष्ठ पत्रकार योगेश गोयल को ‘हिंदी सेवा सम्मान’ देश के प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पोर्टल ‘प्रभासाक्षी’ की 19वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक श... Cult Current News Network 28 Oct 2020
समाज 940 कहीं पीछे छूट गया गांव का गंवईपन गांव के दक्षिण में स्थित काली मां के मंदिर प्रांगण में और प्रांगण के बाहर गहमा-गहमी थी. मंदिर के गर्भगृह में मां काली की प्रतिमा के पास ही नीचे सात गो... श्रीराजेश 24 Oct 2020
समाज 421 नारी सब पर है भारी नारी तो नारी है. इस समस्त सृष्टि की संचालिका-शक्ति का प्रतीक है नारी. ईश्वर कहें या प्रकृति या फिर जैविक विकासक्रम कहें, नारी को जन्म मिला सृष्टि की न... पी के तिवारी 21 Oct 2020