पड़ोसी देशों में सत्ता परिवर्तन और भारत की विदेश नीति की चुनौतियाँ

जलज वर्मा

 |  27 Dec 2024 |   628
Culttoday

भारत के पड़ोसी देशों में हाल के वर्षों में हुए सत्ता परिवर्तनों का देश की विदेश नीति पर गहरा असर पड़ा है। बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और मालदीव जैसे देशों में नई सरकारों के आने से भारत को अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की परीक्षा से गुजरना पड़ा है। खासकर, बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद उत्पन्न परिस्थिति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के प्रयासों ने यह सवाल उठाया है कि भारत इन बदलते हालातों के साथ अपनी विदेश नीति को कैसे संतुलित करेगा।

बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव और भारत की प्रतिक्रिया

बांग्लादेश में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार आई है। इस बदलाव से भारत की विदेश नीति में चुनौतियाँ सामने आई हैं क्योंकि प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के समय भारत के बांग्लादेश के साथ अच्छे रिश्ते थे। बांग्लादेश के भीतर उठे विरोध के स्वर और भारत के साथ उसके संबंधों पर बढ़ते संदेह ने इस मुद्दे को और भी जटिल बना दिया। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी और मोहम्मद यूनुस ने मिलकर काम करने की इच्छा ज़ाहिर की है, लेकिन इस दिशा की स्पष्टता अभी तय नहीं है।

मालदीव: 'इंडिया आउट' से 'सबसे करीबी सहयोगी' तक

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के चुनाव ने भी भारत-मालदीव संबंधों में तनाव पैदा किया। मुइज़्ज़ू ने 'इंडिया आउट' के नारे के साथ चुनाव जीतकर भारत से सैनिकों की वापसी की मांग की थी। भारत ने यह मांग स्वीकार की, लेकिन बाद में मुइज़्ज़ू ने अपने रुख़ में बदलाव करते हुए भारत को अपना 'सबसे करीबी सहयोगी' बताया और आर्थिक मदद की अपील की। यह उदाहरण भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की लचीलेपन और जवाबदेही को दर्शाता है।

नेपाल और भारत के संबंधों में आई तल्ख़ी

नेपाल में 2020 में भारत के साथ संबंधों में खटास आई थी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत पर नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था। हालाँकि, 2024 में ओली के फिर से प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद भारत-नेपाल संबंधों में सुधार हुआ है। दोनों देशों ने हाल ही में सकारात्मक द्विपक्षीय वार्ताओं का आयोजन किया, जिससे रिश्ते पटरी पर लौटते दिख रहे हैं।

श्रीलंका: राजनीतिक बदलावों के बीच संतुलन

श्रीलंका में अनुरा दिसानायके की जीत और भारत के बीच संबंध भी बदलते समीकरणों का हिस्सा रहे हैं। श्रीलंका के बड़े आर्थिक संकट के दौरान भारत ने उसकी वित्तीय सहायता की, जिसने भारत के लचीले दृष्टिकोण और नेबरहुड फ़र्स्ट नीति की क्षमता को उजागर किया। इसी तरह, अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद भारत ने कूटनीतिक उपस्थिति बरकरार रखी, लेकिन अभी तक तालिबान को वैध सरकार के रूप में स्वीकार नहीं किया है।

चुनौतियों और संतुलन की आवश्यकता

विशेषज्ञों का मानना है कि पड़ोसी देशों में हुए बदलावों ने भारत की विदेश नीति को नई चुनौतियों का सामना करने पर मजबूर किया है। चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के साथ भारत के रिश्ते पहले से ही जटिल रहे हैं, और अब छोटे पड़ोसी देशों के सत्ता परिवर्तनों ने इस चुनौती को और बढ़ा दिया है। नेपाल, बांग्लादेश और मालदीव जैसे छोटे देशों ने चीन और भारत दोनों से संतुलित दूरी बनाए रखने की नीति अपनाई है, जो भारत के लिए कूटनीतिक संबंधों को और कठिन बना देती है।

धैर्य और संतुलन की नीति

भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध बनाए रखने के लिए धैर्य और संतुलन की नीति पर काम करना होगा। जैसा कि विशेषज्ञों ने कहा है, बदलते हालात में भारत ने संयम का परिचय दिया है, खासकर नेपाल और बांग्लादेश में। भारत के लिए यह ज़रूरी है कि वह सिर्फ़ अपने पड़ोसियों की सरकारों से ही नहीं, बल्कि वहाँ के आम नागरिकों से भी जुड़ने का प्रयास करे। बांग्लादेश में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि भारत की घरेलू नीतियों का पड़ोसी देशों पर भी असर पड़ता है।

भविष्य की दिशा

भारत को अपनी विदेश नीति में सुधार लाने के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ताओं के अलावा स्थानीय जनभावनाओं का भी सम्मान करे। भारत ने अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत कुछ सफलता हासिल की है, लेकिन बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस नीति को और भी अधिक परिपक्व और गतिशील बनाने की आवश्यकता है।

 


RECENT NEWS

NEP 2020: शोध, संस्कृति और नवाचार की नई उड़ान
कल्ट करंट डेस्क |  08 Aug 2026  |  33
To contribute an article to CULT CURRENT or enquire about us, please write to cultcurrent@gmail.com . If you want to comment on an article, please post your comment on the relevant story page.
All content © Cult Current, unless otherwise noted or attributed. CULT CURRENT is published by the URJAS MEDIA VENTURE, this is registered under UDHYOG AADHAR-UDYAM-WB-14-0119166 (Govt. of India)